सामान्य हिन्दी

अकर्मक क्रिया | सकर्मक क्रिया | घोष | अघोष

क्रिया का अर्थ : जिस शब्द से किसी कार्य का करना या होना पाया जाता है, वह उसे क्रिया कहते है। उदाहरण : पढना, खेलना, दौड़ना, खाना, पीना, सोना आदि। क्रिया के प्रकार : क्रिया के मुख्य रूप से दो भाग होते हैं। अकर्मक क्रिया (गैर-परिमित क्रिया) सकर्मक क्रिया (परिमित क्रिया) अकर्मक क्रिया : जिस

विशेषण का अर्थ | विशेषण के प्रकार | विशेषण की अवस्थाएं

विशेषण का अर्थ वह विकारी शब्द जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बतलाता हो, विशेषण कहलाता है। जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताई जाती है, उसे विशेष्य कहा जाता है। जैसे : मोटा लड़का दौड़ता है। प्रयुक्त वाक्य में ‘मोटा’ विशेषण हैं तथा लड़का विशेष्य है। विशेषण : जातिवाचक संज्ञा को मर्यादित करते

समास का अर्थ | समास की विशेषताएं | समास के भेद | संधि और समास में अन्तर

समास का अर्थ समास का तात्पर्य है, संक्षेप। समास दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बनने वाले नवीन एवं सार्थक शब्दों को कहते हैं। आपस में संबंध रखने वाले दो या दो से अधिक शब्दों का मेल समास कहलाता है। समस्त पद के सभी पदों को अलग अलग करने की प्रक्रिया को समास विग्रह

One Word for Phrase in Hindi | वाक्यांश के लिए एक शब्द

किसी आज्ञा या कानून को न मानना – अवज्ञा जिसके समान कोई न हो – अद्वितीय जो बदला न जा सके – अपरिवर्त्य जो विश्वास करने लायक न हो – अविश्वसनीय परम्परा से सुनी हुई बात या उक्ति – अनुश्रुति जिसकी उपमा न दी जा सके – अनुपमेय जिसका विवाह न हुआ हो – अविवाहित

शब्द भेद – तत्सम | तद्भव | संकर | विदेशी | रूढ़ | यौगिक | देशज

शब्द का अर्थ : निश्चित अर्थ प्रकट करने वाले स्वतंत्र वर्णों के समूह को शब्द कहते हैं, जैसे दुकान और किताब। वर्णों के समूह को तभी शब्द कहा सकता है, जब उसका पृथक रूप सेेे कोई अर्थ हो। जिस वर्ण समूह से कोई निश्चित अर्थ ना निकले उसे शब्द नहीं कहा जा सकता, जैसे –

Multiple Words in Hindi | अनेकार्थी शब्द

अंक :  गोद, गिनती के अंक, अध्याय, भाग्य, चिह्न, देह, स्थान अकिंचन : दरिद्र, अपरिग्रही अक्ष : आंख, सूर्य, सर्प, आत्मा, पहिया अक्षत : चावल, धान्य, जौ, अखंडित, हिजड़ा, कल्याण अतिथि : मेहमान, साधु, यात्री अनंत : आकाश, शेषनाग अमृत : जल, पारा, दूध, धृत, स्वर्ण अरुण : लाल, सूर्य अहि : सांप, राहु, नाभि, कष्ट आत्मा : वायु, पत्र, देह, ब्रह्मा, जीवात्मा, बुद्धि

मुहावरे एवं लोकोक्तियां | Mountain Ratna

मुहावरे एवं लोकोक्तियां : अंधे के आगे रोना – व्यर्थ प्रयत्न करना अंगारों पर चलना – स्वयं को खतरे में डालना अंगारे उगलना – क्रोध में लाल-पीला होना अड़ियल टट्टू – जिद्दी अरण्य रोदन – व्यर्थ प्रयास अंधेरे घर का उजाला – एकलौता पुत्र अक्ल के घोड़े दौड़ाना – केवल कल्पनाएं करते रहना अपने मुंह

Author and his works | लेखक व उनकी रचनाएं

प्रमुख लेखक : विद्यापति :  कीर्तिलता, कीर्तिपताका, पदावली सूरदास :  सूरसागर, सूरसारावली, साहित्य-लहरी, नल दमयंती, ब्याहलो, दशम स्कंध टीका, नागलीला, भागवत, गोवर्धन लीला, सूरपचीसी, सूरसागर सार, प्राण प्यारी। तुलसीदास की रचनाएं :  रामचरितमानस, रामललानहछू, वैराग्य संदीपनी, रामाज्ञाप्रश्न, जानकी मंगल, सतसई, पार्वती मंगल, गीतावली, विनय पत्रिका, कृष्ण गीतावली, बरवै रामायण, दोहावली और कवितावली। कबीर दास :

पर्यायवाची | Synonyms in Hindi

पर्यायवाची शब्द : अग्नि – अनल, अरुण, अशनि, आंच, आग, कृशानु, जातवेद, ज्वाला, दहन, धनंजय, पवि, पावक, रोहिताश्व, समिध, वैश्वानर, शिखी अमृत – अमिय, अमी, पीयूष, सोम, सुधा, सुरभोग जंगल – अरण्य, अटवी, कांतार, कानन, वन, विपिन घोड़ा – अश्व, घोटक, तुरंग, बाजी, सैंधव, हय, किकिर, केशी, केसरी, खेट, गंधर्व, चामरी, धौरेय, मराल, वाडव, सारंग,

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